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कैसे ईर्ष्या धीरे-धीरे आपके मूल्य को नष्ट कर रहा है।

ईर्ष्या आपको सभी चीज़ों में छोटा महसूस करवाएगी। यह आपको महसूस कराएगा जैसे कि आपके जीवन में कुछ भी सही नहीं चल रहा है और आपके आस-पास हर कोई किसी न किसी तरह, बहुत बेहतर और आपसे अधिक काबिल  है। ईर्ष्या की भावना हर किसी के अंदर होती है और हम कभी ना कभी इसको अपने जीवन में महसूस किया है।  जबकि कुछ लोगो के अंदर यह भावना नहीं आ पाती है जितना भी आप कोशिश कर ले वह आपसे ईर्ष्या नहीं करेंगे।

आप सोच रहे होंगे की आखिर कोई व्यक्ति ईर्ष्या कैसे महसूस नहीं कर सकता है। जी हाँ , अगर एक बार आपने आप पर भरोसा करेंगे। अपने आत्म-मूल्य को महसूस करेंगे या अपने जीवन से  नकारात्मकता  जैसी भावनाएं खत्म कर देंगे तो आप कभी भी किसी को भी देख कर ईर्ष्या नहीं करेंगे।  जो लोग आसानी से ईर्ष्या  करते है , वह कभी भी शांत तरीके से कठिन परिस्थितियों का सामना करने में असमर्थत रहते है। उनकी जीवनशैली में हानिकारक प्रभाव पड़ता है।

ईर्ष्या आपको हमेशा दूसरे से आगे बढ़ने का अहसास करवाएगी।  आपको हमेशा दूसरे से कम महसूस करवायेगी जो की आप वास्तव में नहीं है।  आपके दिमाग में हमेशा व् नकारात्मक सोच को पैदा करेगी जिसका गंभीर परिणाम निकल सकता है। आप अपने आस-पास के लोगों के कार्यों पर संदेह करना शुरू करते हैं और उनकी हर प्रतिक्रिया या कार्रवाई की आलोचना करते हैं। बचपन से, हमें अपने आसपास के लोगों पर भरोसा करना और प्यार करना सिखाया जाता रहा है। जबकि , ईर्ष्यालु व्यक्ति  की हरकते इसके विपरीत होती है। हमें हमेशा खुश रहना चाहिए कि हमें क्या मिला है,और अपने लक्ष्यों और महत्वाकांक्षाओं को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। ईर्ष्यालु लोग खुद को कमजोर करते हैं और लगातार खुद की तुलना दूसरों से करते हैं।

यह भावना स्वयं में किसी के विश्वास को नष्ट कर सकती है। 

ईर्ष्या  की भावना आपकी और प्यार की भावना को खत्म कर सकती है।  आपके रिश्तों और दोस्ती को एक दूसरे के कम कर सकती है।  ईर्ष्या करने से आप अपने दोस्तों को  प्रतिद्वंद्वियों के रूप में देखना शुरू कर देंगे,  जिससे आप उनसे अच्छे  रिश्ते नहीं बना पाएंगे। 

आखिर में आप खुद को  अहंकार, कम आत्मसम्मान, विश्वास न करने वाला  और नकारात्मक ऊर्जा वाले व्यक्ति के रूप में देखना शुरू कर देंगे।

अगर हम जलन महसूस करते रहेंगे तो हम कभी खुश नहीं होंगे। हम अपने पूरे जीवन में दुखी और दोषी महसूस करेंगे।  और आपके जीवन में चिंता,अवसाद, कम आत्मसम्मान के मुद्दे शामिल हो जायेगे  हैं जो केवल आपके जीवन में आपके आत्म-मूल्य को और अधिक नीचा दिखाएंगे।

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