Jammu & Kashmir :श्रीनगर एनआईटी ने हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में लागू किया।

SRINAGAR: केंद्र के निर्देशों के बाद, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), श्रीनगर, हिंदी (राज बाशा) को अपनी आधिकारिक भाषा (OL) के रूप में अपनाने के लिए तैयार है। श्रीनगर में राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान (एनआईटी) अब राजभाषा हिंदी को लागू किया जाएगा। केंद्र की उच्च शिक्षा विभाग की टीम ने संस्थान हिंदी में हो रहे कार्यों के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान टीम का नेतृत्व कर रहीं सुनीति शर्मा को बताया गया कि संस्थान में अलग से हिंदी प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है।

आधिकारिक भाषा को तैयार करने और अध्ययन करने के लिए, केंद्र ने एनआईटी-श्रिनागर को कंप्यूटर-आधारित सॉफ्टवेयर प्रोग्राम LILA (लियोनिंग इंडियन लैंग्वेजेज थ्रू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), हिंदी प्रबोध, प्रवीण, प्रैग्या और इतने पर उपयोग करने का निर्देश दिया है। हिंदी में काम करने के लिए नामांकित अधिकारियों और श्रमिकों के लाभ के लिए है।

संस्थान की ओर से उच्च शिक्षा विभाग को स्टाफ की नियुक्ति का आग्रह किया गया है। सुनीति शर्मा ने कहा कि देशभर में राजभाषा को लागू करने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है। यदि कोई पत्र व्यवहार हिंदी में होता है तो उसका जवाब भी हिंदी में ही दिया जाना चाहिए। संस्थान की वेबसाइट हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होनी चाहिए।

इसके साथ ही अल्लाह-अलग साइन बोर्ड, स्टेशनरी, फार्म, नोटिस बोर्ड, रबर स्टांप भी हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही क्षेत्रीय भाषाओं में होगी। इस दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सहगल ने कहा कि राजभाषा को लागू करने के लिए संस्थान प्रतिबद्ध है, यह राष्ट्रीय कर्तव्य भी है।

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