PM Modi promote Hindi language globally-प्रधानमंत्री हिंदी भाषा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की कर रहे है कोशिश

एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘‌राष्ट्रीय हिंदी मूट कोर्ट प्रतियोगितामें शामिल हुए नैशनल मीडिया क्लब के चेयरमैन और वरिष्ठ पत्रकार रमेश अवस्थी ने कहा है कि पीएम मोदी की कोशिशें हिंदी भाषा को विश्वव्यापी सम्मान दिलाने में विशेष महत्व रखती हैं।

नैशनल मीडिया क्लब के चेयरमैन और वरिष्ठ पत्रकार रमेश अवस्थी

नैशनल मीडिया क्लब के चेयरमैन और वरिष्ठ पत्रकार रमेश अवस्थी ने कहा है कि विश्व स्तर पर हिंदी को सम्मानीय बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अग्रसर हैं। एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘‌राष्ट्रीय हिंदी मूट कोर्ट प्रतियोगिता’ के दौरान यह बात कही।

एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘‌राष्ट्रीय हिंदी मूट कोर्ट प्रतियोगितामें शामिल हुए रमेश अवस्थी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का सभी देशों के राष्ट्र अध्यक्षों से हिंदी में बात करना एक अनुकरणीय प्रयास है और यह हिंदी भाषा को विश्वव्यापी सम्मान दिलाने में सफल कदम है। अवस्थी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का भी मानना है कि सरकारी कामकाज में हिन्दी को ज्यादा से ज्यादा बढावा देना चाहिए। वह खुद हिन्दी मे कामकाज करने के पक्षधर है। रमेश अवस्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हिंदी को उसका सम्मान वापस मिल रहा है। सरकारी कार्यालयों से लेकर हर तरफ हिंदी में कामकाज को प्राथमिकता मिल रही है, सरकार हिंदी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर भी काम कर रही है।

अवस्थी ने कहा कि निश्चित ही वकालत के पेशे में हिन्दी भाषा का विशेष महत्व है। न्यायालय मे अदालती कार्यशैली मे छात्रछात्राओं को राष्ट्रभाषा के नजदीक लाने के लिये हिन्दी के प्रयोग की महती आवश्यकता है। स्वयं भी कई बार अदालतों ने भी अदालती कार्यशैली मे हिन्दी भाषा के प्रयोग पर बल दिया है। वेबिनार को राम भवन मिश्रा (जस्टिस इलाहाबाद उच्च न्यायालय), रविन्द्र सिंह (जस्टिस इलाहाबाद उच्च न्यायालय), ए के पटनायक (न्यायिक सदस्य और एच ओ डी केन्द्रीय प्रशासनिक सदस्य कटक ओडीशा) और हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी दिल्ली के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधाकर पाठक ने भी सम्बोधित किया। इन सभी ने सही मायनों मे हिन्दी को बढावा देने और वकालत के पेशे मे हिन्दी के प्रयोग की वकालत की।

पांचवी हिन्दी मूट कोर्ट प्रतियोगिता में प्रोफेसर डॉ. आदित्य तोमर उपनिदेशक एमिटी लॉ स्कूल नोएडा ने कहा कि कि यह प्रतियोगिता विधि के क्षेत्र में हिंदी को बढ़ावा देने और कानूनी क्षेत्र में नए प्रकार की वैधानिक समस्याओं को सुलझाने के साथसाथ विधि के भावी क्षेत्रों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आपको बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार रमेश अवस्थी कई सालों से भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में अटल काव्यंजलिका आयोजन करते है, जहां हिंदी साहित्य जगत की कई हस्तियां शिरकत करती हैं। इसके अलावा वह राजभाषा सलाहकार समिति के सदस्य होने के नाते भी हिंदी को बढ़ावा देने में हर सम्भव प्रयास करते रहते हैं।

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