Anil Ambani : अनिल अंबानी की एक और संपत्ति बिकी, मुकेश अंबानी कर चुके हैं मदद।

Anil Ambani Sold Reliance Centre: भारी-भरकम कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने गुरुवार को मुंबई स्थित रिलायंस सेंटर यस बैंक को 1,200 करोड़ रुपये में बेचने (Reliance Centre sold to Yes bank) की घोषणा की। कंपनी के बयान के अनुसार रिलांयस सेंटर की बिक्री से प्राप्त पूरी राशि का उपयोग यस बैंक के कर्ज भुगतान में किया जाएगा। कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि इसके साथ आर इंफ्रा के ऊपर यस बैंक का कर्ज 4,000 करोड़ रुपये से घटकर 2,000 करोड़ रुपये रह गया है। कंपनी 2021 के अंत तक ऋण मुक्त कंपनी बनना चाहती है।

मुकेश अंबानी ने की थी बड़ी मदद

अनिल अंबानी को एरिक्सन के करीब 550 करोड़ रुपयों को भुगतान करना था और अगर वह समय रहते यह रकम नहीं चुका पाते तो उन्हें जेल तक जाना पड़ जाता। ऐसी मुश्किल की घड़ी में बड़े भाई मुकेश अंबानी ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया था। उन्होंने वित्तीय सहायता तो नहीं की थी, लेकिन अपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को कॉरपोरेज लीज पर रखने को दिया, जिससे अनिल अंबानी एरिक्शन की बकाया राशि का भुगतान कर सके। खुद अनिल अंबानी ने मदद करने के लिए भाई मुकेश अंबानी और भाभी नीता अंबानी को भावुक होकर धन्यवाद कहा था।

मुकेश अंबानी ने खरीदा रिलायंस कम्युनिकेशन का वायरलेस बिजनस

मार्च 2018 में अनिल अंबानी की मदद करते हुए मुकेश अंबानी ने रिलायंस कम्युनिकेशन का वायरलेस बिजनस खरीद लिया, जिसमें 43 हजार टावर शामिल थे। टावर के साथ-साथ फाइबर नेटवर्क भी इसमें शामिल था। इस डील से मुकेश अंबानी को नई-नई लॉन्च हुई कंपनी रिलायंस जियो का नेटवर्क मजबूत करने का मौका मिला। हालांकि, बाद में मुकेश अंबानी ने अपना टावर बिजनस कनाडा की ब्रुकफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स एलपी को 25,215 करोड़ रुपये में बेच दिया।

2018 में ही अडानी को बेचा पावर ट्रांसमिशन बिजनस

अनिल अंबानी के ऊपर जब कर्ज बढ़ना शुरू हुआ था, तभी उन्होंने अपने मुंबई के पावर ट्रांसमिशन बिजनस को अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड को बेच दिया था। ये डील 18,800 करोड़ रुपयों में हुई थी। इस डील से दोनों को फायदा हुआ, अनिल अंबानी को कर्ज से निपटने के लिए कुछ रकम मिल गई और अडानी को पावर बिजनेस में घुसने का रास्ता मिल गया।

अब दिल्ली का पावर बिजनस भी बेचेंगे अनिल अंबानी

मुंबई का पावर बिजनस गौतम अडानी को बेचने के बाद अब अनिल अंबानी अपने कर्ज का कुछ और हिस्सा चुकाने के लिए दिल्ली का पावर बिजनस भी बेचना चाह रहे हैं। वह बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की 51 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं। अनिल अंबानी इन बिजनेस को बेचकर इनसे भी बाहर निकलना चाहते हैं।

ये 5 कंपनियां भी हैं बिकने के कगार पर

रिलायंस अनिल धीरूभाई ग्रुप अपनी 5 सब्सिडियरी में भी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है। इनमें रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, रिलायंस निप्पोन, रिलायंस असेट कंस्ट्रक्शन, रिलायंस फाइनेंशियल और रिलायंस सिक्योरिटीज शामिल हैं। अनिल अंबानी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस और रिलायंस निप्पोन में 51 फीसदी हिस्सेदारी, रिलायंस असेट रिकंस्ट्रक्शन में यह 49 फीसदी, हिस्सेदारी, रिलायंस फाइनेंशियल में 100 फीसदी और रिलायंस सिक्योरिटीज में भी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। यानी रिलायंस इन पांचों बिजनेस से अपना स्टेक बेचकर बाहर निकलना चाहती है, जिन्हें बेचने के लिए टेंडर जारी हो चुका है और बहुत सी कंपनियां इसे खरीदने में अपनी रुचि भी दिखा रही हैं।

आखिर कितना कर्ज है अनिल अंबानी पर?

अनिल अंबानी पर कर्ज की बात करें तो रिलायंस कम्युनिकेशन के अनुसार ग्रुप पर भारतीय बैंकों का और वित्तीय संस्थानों का करीब 26 हजार करोड़ रुपये बकाया है, जबकि भारतीय बैंकों, वेंडरों और अन्य कर्जदाताओं ने कंपनी पर लगभग 86 हजार करोड़ रुपये बकाया का दावा किया है। लेंडर्स ने एनसीएलटी में जो दावा किया है उसके अनुसार आरकॉम पर करीब 49,000 करोड़ रुपये, रिलायंस टेलीकॉम पर 24,000 करोड़ रुपये और रिलायंस इन्फ्राटेल पर 12,600 करोड़ रुपये का बकाया है। अनिल अंबानी भले ही 2021 के अंत तक कर्जमुक्त होने का सपना देख रहे हैं, लेकिन उन पर कर्जदाताओं को इतने दावे हैं कि ये मुमकिन नहीं लगता।

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