Uttarakhand: जोशीमठ के करीब फटा ग्लेशियर, जानमाल के नुकसान की खबर नहीं

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच उत्तराखंड से तबाही की दस्तक देती एक बड़ी खबर सामने आ रही हैं। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि भारत-चीन सीमा पर उत्तराखंड के जोशीमठ के पास एक ग्लेशियर फटा है। फिलहाल इस घटना में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सीमा क्षेत्र सुमना में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) कैंप के समीप ग्लेशियर टूटकर मलारी-सुमना सड़क पर आ गया है।

घटना के बारे में और अधिक जानकारी देते हुए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने आगे बताया कि ग्लेशियर फटने से किसी मजदूर या व्यक्ति को नुकसान पहुंचा है या नहीं इसकी जानकारी इकट्ठा की जा रही है। दूसरी ओर चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीआरओ के मजदूर सड़क निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश और बर्फबारी की वजह से चमोली जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही हैं और बर्फबारी होने से सीमा क्षेत्र में वायरलेस टेस भी काम नहीं कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पहाड़ी राज्यों में जब भी ग्लेशियर फटने की खबर सामने आती है तो लोगों की आखों के सामने साल 2013 में आए उत्तराखंड त्रासदी का मंजर घूमने लगता है। इसी वर्ष फरवरी में उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर के फटने की वजह से कई मासूम लोगों को जान गंवानी पड़ी वहीं कई लापता हो गए थे। चमोली हादसे की कई दिल दहला देने वाली तस्वीरें भी सामने आई थीं। ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बाढ़ से जान और माल की महत्वपूर्ण हानि हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर बाढ़ आने की आशंका है।

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