Corona Virus -कोरोना से जंग, अमेरिका से कल भारत पहुंचेगी मदद की पहली खेप, रूसी वैक्सीन भी आ रही

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत की मदद के लिए अमेरिकी सहायता की पहली खेप गुरुवार को पहुंचेगी. भारत ने इससे पहले अमेरिका के साथ एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की खरीद और भारत में वैक्सीन के उत्पादन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति का मुद्दा उठाया था. संक्रमण की दूसरी लहर पर काबू पाने के लिए भारत ने फिलहाल ऑक्सीजन से जुड़े उपकरण, जैसे कि ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स, ऑक्सीजन सिलिंडर्स और ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स की खरीद पर फोकस किया है. इन उपकरणों का इस्तेमाल ऑक्सीजन के उत्पादन और वितरण में किया जाएगा.

मालूम हो कि कोरोना वायरस संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित कई राज्यों और शहरों ने ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों की मौत का मामला उठाया था. अमेरिका के अलावा, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस भी भारत को ऑक्सीजन से जुड़े उपकरण भेज रहे हैं, ताकि कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाया जा सके. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उम्मीद की जा रही है कि अमेरिका के अलावा रूस से आने वाली मदद की पहली खेप भी गुरुवार को भारत पहुंचेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने बुधवार को फोन पर कोरोना वायरस संक्रमण से पैदा हुए हालात पर चर्चा की. पीएम मोदी ने संक्रमण के खिलाफ भारत की लड़ाई में रूस की मदद के लिए राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद दिया. हालांकि भारत ने चीन और पाकिस्तान की ओर से मदद की पेशकश के मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन, चीन में मौजूद भारतीय कंपनियां सप्लाई और उपकरणों की खरीद कर रही है.

इसके अलावा भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी तरह की मदद की अपील भी नहीं की है. कई दूसरे देशों में स्थित भारतीय उच्चायोग ने उन उपकरणों की लिस्ट तैयार की है, जिनकी कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ाई में जरूरत है, साथ ही ऐसे उपकरणों की खरीद प्रक्रिया और प्रावधानों में ढील भी दी गई है

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