उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के वोटों की गिनती पर रोक लगाने से Supreme Court ने किया इनकार

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने ग्राम पंचायत चुनावों की मतगणना की प्रक्रिया को कल से शुरू करने की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने ये अनुमति राज्य चुनाव आयोग द्वारा दिए गए आश्वासन को ध्यान में रखते हुए दी है कि मतगणना केंद्रों पर कोरोना से बचने के पर्याप्त उपाय किए जाएंगे. साथ ही कोविड दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से कोविड 19 प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि मतगणना पूरी होने तक इलाके में कर्फ्यू रहे, आम लोगों को वहां इकट्ठा न होने दिया जाए, उम्मीदवारों का कोविड टेस्ट हो और जवाबदेह अधिकारियों के नाम अधिसूचित किए जाएं.

ज्ञात हो कि, याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव जारी रखने के लिए कहा गया था. याचिकाकर्ता का कहना था कि इसके चलते चुनावकर्मी और मतदाता बड़े पैमाने पर कोरोना से संक्रमित हुए. अब मतदान के सभी चरण पूरे हो चुके हैं.

वहीं ऐसे में सुप्रीम कोर्ट या तो मतगणना को फिलहाल रोक दे या सुरक्षा प्रोटोकॉल पर आदेश दे. कोर्ट ने शुक्रवार को कहा था कि वह राज्य चुनाव आयोग को सुनने के बाद ही कोई आदेश देगा.

बता दें, उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चार चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मत डाले जा चुके हैं. पहले चरण में 15 अप्रैल, दूसरे में 19 अप्रैल, तीसरे में 26 अप्रैल और चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ. राज्‍य में चारों चरणों में ग्राम पंचायत प्रधान के 58,194, ग्राम पंचायत सदस्य के 7,31,813, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 75,808 तथा जिला पंचायत सदस्य के 3,051 पदों के लिए मत डाले गए हैं. इनमें से कुछ पदों पर निर्विरोध निर्वाचन भी हो चुका है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पंचायत चुनाव प्रक्रिया 25 मई तक खत्म करने को कहा था.

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