Delhi Corona Updates – दिल्ली में काबू में आ रही कोरोना की दूसरी लहर, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- ‘पीक धीरे-धीरे नीचे जा रही है’

दिल्ली में कोरोनावायरस की दूसरी लहर थोड़ा काबू में आती दिख रही है. दिल्ली में पिछले कई दिनों से नए मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. वहीं पिछले 15 दिनों में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट गिरकर आधा हो गया है. मंगलवार को राजधानी में 14 अप्रैल के बाद से सबसे कम पॉजिटिविटी रेट दर्ज किया गया है. स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि दिल्ली में कोरोना की पीक धीरे-धीरे नीचे जा रही है.

उन्होंने कहा कि ‘दिल्ली में संक्रमण दर लगातार घट रही है. रोजाना दर्ज होने वाले मामलों में भी गिरावट आई है. आशा की किरण नजर आ रही है कि जो मामले तेजी से बढ़ रहे थे, अब वो कम होने शुरू हुए हैं. लेकिन अभी कम्फर्ट जोन में नही आ सकते, जबतक संक्रमण दर 5% से नीचे न आ जाए और कोरोना मामले 3 या 4 हजार से नीचे न दर्ज हों. लहर बिल्कुल चल रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि कोरोना की पीक जो अप्रैल के अंतिम सप्ताह से धीरे-धीरे नीचे जा रही है.’

कम कोरोना टेस्ट के सवाल पर सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में रोजाना करीब 80 हजार टेस्ट हो रहे हैं. लॉकडाउन का असर है इसलिए भी लोग घरों से कम निकल रहे हैं. सभी सरकारी अस्पतालों में टेस्टिंग हो रही है.

वैक्सीन की कमी पर उन्होंने कहा कि ‘वैक्सीन नहीं मिल पा रही है. वैक्सीन मिल जाए तो सभी को वैक्सीन लगा दी जाएगी. वैक्सीनशन के लिए दिल्ली सरकार ने बड़े इंतजाम भी किए हैं, लेकिन कंपनियों से मिलने वाली वैक्सीन के आवंटन पर केंद्र सरकार का कंट्रोल है. फिलहाल वैक्सीन मिलने में दिक्कत आ रही है. दिल्ली में 3 से 4 दिन की वैक्सीन ही बची है. वैक्सीन का स्लॉट अक्सर देर रात को ही आता है, को-वैक्सीन का अपडेट शाम तक पता चलेगा.’

उन्होंंने बताया कि दिल्ली में अब भी हॉस्पिटल बेड्स की डिमांड तेज है. दिल्ली में कोरोना के 23 हजार बेड्स हैं, इनमें से 20 हजार बेड्स पर मरीज़ अस्पतालों में भर्ती हैं जो एक बड़ी बात है. पिछली कोरोना लहर में एक दिन में सबसे अधिक साढ़े 9 हजार कोरोना मरीज़ असप्तालों में भर्ती थे और इस लहर में आंकड़ा 22 हजार तक पहुंच चुका है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ‘अस्पतालों से ऑक्सीजन की डिमांड पहले से कम हुई है, लेकिन ऑक्सीजन का कोटा मिलता रहा तो ठीक रहेगा वरना दिक्कत होगी. 700 मीट्रिक टन कोटे से कम ऑक्सीजन मिल रही है.’

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