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CoWin नहीं हुआ हैक, 15 करोड़ भारतीयों का डेटा सुरक्षित : शोधकर्ता

CoWin not hacked, data of 150 million Indians safe: Researchers

देश के वैक्सीन पंजीकरण पोर्टल कोविन (CoWin Portal) के हैक होने साथ ही 15 करोड़ लोगों का डेटाबेस बिक्री के लिए तैयार होने की रिपोर्ट सामने आई थी. जिसके बाद अब भारतीय साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं (Indian cyber security researchers) ने कहा कि इसके पीछे की वेबसाइट फर्जी है और यह एक बिटकॉइन घोटाला है.

ज्ञात हो कि डार्क लीक मार्केट (Dark Leak Market) नामक हैकर समूह (hacker group) ने ट्वीट के जरिये दावा किया कि उनके पास लगभग 15 करोड़ भारतीयों का डेटाबेस है, जिन्होंने कोविन पोर्टल पर खुद को पंजीकृत किया है.

वहीं स्वतंत्र साइबर सुरक्षा शोधकर्ता राजशेखर राजहरिया (Rajasekhar Rajhariya) ने मीडिया एजेंसी आईएएनएस को बताया कि हैकिंग समूह की वेबसाइट फर्जी है और वे एक बिटकॉइन घोटाला चला रहे हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि, “कोविन को हैक नहीं किया गया है क्योंकि तथाकथित हैकिंग समूह फर्जी लीक की लिस्टिंग कर रहा है. यह एक बिटकॉइन घोटाला है और लोगों को इन हैकर्स का शिकार नहीं होना चाहिए. कोविन डेटा सुरक्षित है.” इससे पहले, फ्रांसीसी सुरक्षा शोधकर्ता बैप्टिस्ट रॉबर्ट उर्फ इलियट एल्डरसन ने भी डार्क लीक मार्केट द्वारा पोस्ट को रीट्वीट किया था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया.

इसके साथ ही बता दे कि भारत में अब तक 23.7 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है.

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