Mutual Fund में निवेश करने के क्या फायदे है ?

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Mutual Funds में निवश करने से पहले हर कोई चार बार सोचता है कि क्या मुझे इससे नुकसान तो नहीं होगा। चाहे आप अनुभवी निवेशक हो या आपने पहली बार म्यूच्यूअल में निवेश किया हो , अआप हमेशा इसमें निवेश करते समय गंभीरता से सोचते थे। ज्यादातर लोगों को इसके नुकसान के बारें में पता रहता है , पर आपको इसको फायदे के बारें में भी पता होना चाहिए है। तो आइए आगे बढ़ते है और जानते है की म्यूच्यूअल फंड्स में आपको क्या-क्या फायदे मिल सकते है।

हमने नीचे आपको इसके फायदे बताए जो आपको निवेश करते समय इन जानकारी से मदद मिल सकती है।

  1. लिक्विडिटी (Liquidity)

    म्यूच्यूअल फंड्स में आपको एक यह फायदा मिलता है कि आप मुटुअल्स फंड स्कीम को बहुत ही आसानी से खरीद और बेच सकते है। जब शेयर बाजार आपके फंड की कीमत अधिक हो तो उसे बेच कर आप लाभ कमा सकते है। इसके लिए आपको म्यूच्यूअल फंड बाजार में नजर बनाए रखनी है।

  2. डायवर्सिफिकेशन (Diversification)

    इक्विटी म्यूचुअल फंड में जोखिम से रहता है क्योंकि उनका प्रदर्शन शेयर बाजार की गतिविधियों पर आधारित होता है। इसलिए, फंड मैनेजर आपके निवेश को अलग-अलग उद्योगों और अलग-अलग क्षेत्रों में कंपनियों के शेयरों में फैलाता है जिसे विविधीकरण कहते है । इस तरह, जब एक असेट्स प्रदर्शन नहीं करता है, तो अन्य क्षेत्र से निवेशक नुकसान से बचने के लिए भरपाई कर सकते है।

  3. एक्सपर्ट मैनेजमेंट (Expert Management)

    म्यूचुअल फंड उन निवेशकों के लिए अच्छा है जिनके पास रिसर्च और एसेट को आवंटन करने के लिए ना तो समय या ना ही कौशल है। ऐसे में फंड मैनेजर इन सब का ध्यान रखता है और आपके निवेश के साथ क्या करना है , इन सबका का निर्णय लेता है।
    फंड मैनेजर और शोधकर्ताओं की टीम फंड के निवेश के लक्ष्य के आधार पर इक्विटी, ऋण या दोनों के मिश्रण जैसी उपयुक्त सिक्योरिटीज पर निर्णय लेती है। इसके साथ, फंड मैनेजर यह भी तय करता है कि सिक्योरिटीज को कब तक रखा जा सकता है

  4. टैक्स-एफिशिएंसी Tax-efficiency

    आप अपने टैक्स की बचत कर सकते है ईएलएसएस(ELSS) म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश कर सकते है, जो कि आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत आता है जिसमें आप प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स की बचत कर सकते है। यह 1 लाख से ऊपर की लंबी अवधि के कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 10% टैक्स लागू है, फिलहाल आपको इसमें अन्य कर-बचत साधनों की तुलना में लगातार उच्च रिटर्न मिलता है।

  5. छोटे मूल्यवर्ग में निवेश करें(Invest in smaller denominations)

    आप म्यूच्यूअल फंड्स में कम रूपये में निवेश करना चाहते है तो सबसे कम एसआईपी(SIP) किस्त के रूप में कम से कम 500 रुपये के छोटे मूल्यवर्ग में निवेश कर सकते है। आप अपने निवेश को कुछ समय के लिए म्यूच्यूअल फंड में भी रोक सकते है। ऐसे करने से यह निवेश की औसत लागत को कम करता है – आप अपने निवेश को शेयर बाजार की चढ़ाव और उच्च स्तर पर बढ़ा सकते है। म्यूच्यूअल फंड आपको नियमित (मासिक या त्रैमासिक) निवेश, या फिर एक साथ निवेश करने पर ,आपको औसत लागत का लाभ देता है।

  6. कॉस्ट-एफिशिएंसी(Cost-efficiency)

    आप अलग-अलग म्यूचुअल फंड्स के लागत अनुपात की जांच कर सकते हैं और सबसे कम लागत अनुपात के वाले म्यूच्यूअल फंड को चुन सकते हैं।

  7. सुरक्षा (Safety)

    एक सामान्य धारणा बनी हुई है कि म्यूचुअल फंड बैंक प्रोडक्ट्स की तरह सुरक्षित नहीं हैं। लेकिन यह एक मिथक(myth) है क्योंकि फंड हाउस(Company) को बहुत ही सख्ती से सेबी(SEBI) और एएमएफआई(AMFI) जैसे वैधानिक सरकारी निकायों को अपने दायरे रखते में हैं। आप किसी भी फंड हाउस के एसेट मैनेजर या हाउस फंड केक्रेडेंटिअल्स को सेबी से जांच कर सकते है।

आप इन जानकारी से म्यूच्यूअल फंड में अपने मूल्यवर्ग के अनुसार निवेश कर सकते है। लेकिन हम आपको बता दे म्यूच्यूअल फंड में फायदे के साथ नुकसान भी होते है तो ऐसे आप किसी एक्सपर्ट के द्वारा ही म्यूच्यूअल फंड में निवेश करे।

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