By Anupriya Choubey 

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ब्‍लैक में सिनेमा के टिकट बेचता था   Chhota Rajan

11 May 2021

राजेंद्र सदाशिव निखल्जे, यानी छोटा राजन। मुंबई अंडवर्ल्‍ड की दुनिया में दाऊद इब्राहिम का वह सिक्‍का, जो कभी खोटा साबित नहीं हुआ। छोटा राजन की जिंदगी ने वैसे तो कई करवटें लीं।

लेकिन अपराध की दुनिया में उसकी एंट्री सिनेमाघर से बाहर से ही हुई थी। वह कभी मुंबई में शंकर सिनेमा के बाहर ब्‍लैक में टिकटें बेचाता था। छोटा राजन, दाऊद इब्राहिम का सबसे करीबी दोस्‍त था, फिर दुश्‍मन भी बना। 

सिनेमाई पर्दे पर छोटा राजन की कहानी को कई बार दिखाया गया। उसकी जिंदगी की कहानी से प्रेरित कई किरदार फिल्‍मी पर्दे पर गढ़े गए। फिर चाहे वह संजय दत्त की 'वास्‍तव' हो या विवेक ओबेरॉय-अजय देवगन की 'कंपनी'.

मुंबई के चेंबूर के तिलक नगर में 1959 में परिवार में राजेंद्र सदाशिव निखल्जे का जन्‍म हुआ। राजन के तीन भाई और दो बहनें थीं। पिता एक सामान्‍य नौकरी करते थे।  पांचवीं तक पढ़ने के बाद राजेंद्र सदाश‍िव ने स्कूल छोड़ दिया।

राजेंद्र सदाश‍िव शंकर सिनेमा के बाहर ब्‍लैक में टिकटें बेच रहा था। पुलिस ने कालाबाजारी पर श‍िकंजा कसने के लिए वहां लाठीचार्ज किया। राजेंद्र को गुस्‍सा आया तो उसने एक कॉन्‍सटेबल से लाठी छीनी और उसे ही पीटने लगा। पुलिस से राजेंद्र सदाश‍िव निखल्‍जे की यह पहली मुठभेड़ थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1982 में ही बड़ा राजन के दुश्‍मन पठान भाइयों ने अब्‍दुल कुंजू की मदद से बड़ा राजन की हत्‍या कर दी। अब्‍दुल कुंजू भी बड़ा राजन का दुश्‍मन था। बड़ा राजन की मौत के बाद गैंग का सारा काम अब राजेंद्र सदाश‍िव निखल्‍जे के हाथों में था।

बॉलिवुड में समय-समय पर छोटा राजन की जिंदगी से प्रेरित कई फिल्‍में रिलीज होती रही हैं।

 'वास्‍तव' और 'कंपनी' के अलावा विधू विनोद चोपड़ा की 'परिंदा', 'वन्‍स अपॉन अ टाइम इन मुंबई', 'वन्‍स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा' भी कुछ ऐसी फिल्‍में रहीं, जिनमें कोई न कोई किरदार छोटा राजन की जिंदगी से प्रेरित दिखा। इसके अलावा अपूर्व लाख‍िया की फिल्‍म 'हसीना' में भी ऐसा ही एक किरदार नजर आया था।

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