म्यांमार में तख्तापलट

म्यांमार में कुछ ही वर्ष के लोकतांत्रिक समय के अंतराल में ही उसकी मिलिट्री ने तख्तापलट करके फिर से मिलिट्री शासन  लागू कर दिया हैं |

1 feb 2021 को मिलिट्री फोर्स ने राजनेताओं को अरेस्ट करके जिसमें कीं म्यांमार की राष्ट्रपति Aung San Suu Kyi ko और कुछ अन्य राजनेता भी हैं |

मिलट्री फोर्स ने सारी सरकारी बिल्डिंग को कब्जा करके देश में इंटेरनेट और फ्लाइट की सुविधाओं को बंद कर दिया हैं

म्यांमार में 2011 में ही लोकतांत्रिक शासन  चालू हुआ था | परंतु मिलिट्री ने तख्तापलट करके देश के लोकतांत्रिक शाशन को फिर से छीन लिया हैं |

 म्यांमार में मिलिट्री शाशन 1962 से पॉवर में है | जहाँ उसने चुनाव और कई सुधार को लागू किया |

अखिर क्यूँ मिलिट्री ने फ़िर से म्यांमार में तख्ता पलट किया |

NOV 8 2020 में लोकतांत्रिक चुनाव होने की राष्ट्रीय लीग फॉर डेमोक्रेटिक पार्टी ने 83 प्रतिशत सीट पर  जीत हासिल की थी |

जिसे म्यांमार की मिलिट्री ने मानने से इंकार कर दिया हैं |

मिलिट्री ने फिर से चुनाव करने के लिए देश में 1 वर्ष की आपातकाल लगा दिया गया हैं |