कौन थे हनुमान के पिता? जानिए उनके जन्म की कहानी


By Anupriya Choubey

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श्रीराम भक्त हनुमान की शक्तियों और चमत्कारों के बारे में कई किस्से और कहानियों मौजूद हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंजनी पुत्र हनुमान का जन्म कैसे हुआ था.

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हनुमान का जन्म एक वानर के रूप में हुआ था. इनकी मां अंजनी एक अप्सरा थीं, जिन्होंने एक श्राप की वजह से पृथ्वी पर वानर के रूप में जन्म लिया था. हालांकि उन्हें ये वरदान भी था कि एक पुत्र को जन्म देने के बाद वह इस श्राप से मुक्त हो जाएंगी.

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वाल्मीकि की रामायण के मुताबिक, हनुमान के पिता केसरी बृहस्पति पुत्र थे, जो स्वयं राम की सेना के साथ मिलकर रावण के खिलाफ लड़े थे. एक अन्य कहानी के अनुसार, हनुमान भी शिव के एक अवतार ही थे.

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एक पौराणिक मान्यता के अनुसार, मारुति एक वन में अंजनी को देखकर उन पर मोहित हो गए थे. अंजनी गर्भवती हो गईं और इस तरह पवन पुत्र हनुमान का जन्म हुआ. 

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एक कहानी में ऐसा भी बताया है कि महाराजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ से प्राप्त हवि अपनी तीनों रानियों में बांटी थी.

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विष्णु पुराण और नारद पुराण के कथानुसार, नारद एक राजकुमारी पर मोहित होकर भगवान विष्णु के पास पहुंचे और उन्हें अपने जैसा रूप देने के लिए कहा ताकि स्वयंवर में राजकुमारी उन्हें हार पहना सके.

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हालांकि विष्णु जी ने नारद को एक वानर का चेहरा दे दिया, जिसे देखे बगैर नाराद स्वयंवर में पहुंच गए. स्वयंवर में एक वानर को देख पूरे दरबार में हंसी के ठहाके लगने लगे. 

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तंत्र-मंत्र में हनुमान की पूजा एक शिर, पंचशिर और एकादश शिर, संकटमोचन, सर्व हितरत और ऋद्धि-सिद्धि के दाता के रूप में होती है. आनंद रामायण के अनुसार, हनुमान जी की गिनती आठ अमर देवों में होती है.

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